motivational blog, inspirational, goal setting, life coch, etc

Saturday, 25 November 2017

दिव्या रावत मशरूम लेडी - success story of divya rawat

दिव्या रावत मशरूम लेडी 

कृषि को पुरुषों का क्षेत्र माना जाता है ,लेकिन अगर कोई महिला खेती के जरिये खुद की पहचान बना ले , तो उसका दूसरों के लिए मिसाल लाजिमी है। मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में महारत हासिल कर चुकी दिव्या रावत आज "मशरूम लेडी " के नाम से जाना जाता है। मशरूम उत्पादन कम तापमान ( 20 से 22डिग्री ) में ही संभव हो पाता है लेकिन दिव्या रावत ने 35 से 40 डिग्री तापमान में उत्पादन करके इस क्षेत्र में रोजगार की नई संभावनाओं को जन्म दिया है।

उत्तराखंड के लोग अपने गांव में आय का कोई साधन नहीं होने कारण शहरों में नौकरी तलाशने जा रहे थे। धान और सब्जियों का पारंपरिक खेती से उन्हें ज्यादा फायदा नहीं होता था। इसी समस्या को दूर करने और पलायन को रोकने के लिए दिव्या रावत ने मशरूम की खेती की शुरुआत की अच्छे मुनाफे के साथ लोगों को रोजगार भी मिला और पलायन रुक भी गया साथ ही उत्तरप्रदेश सरकार ने दिव्या रावत को मशरूम का ब्रैंड एम्बेसेडर घोषित किया।


Xiaomi ( MI ) Success Story ! Lei Jun !

दिव्या रावत मशरूम लेडी - success story of divya rawat

दिव्या रावत की बायोग्राफी --

दिव्या रावत का जन्म उत्तराखंड के चमोली ( विश्व विख्यात फूलो की घाटी )जिले में हुआ । इनके पिताजी का नाम स्व तेज सिंह रावत है जिनका देहांत दिव्या मात्र सात साल की थी तभी हो गया था , जिसके कारण बहुत से परेशानियों का सामना करना पड़ा। देहरादून में 12 वी तक पढाई करने के बाद दिव्या आगे की पढाई के लिए दिल्ली चली गई। सामाजिक कार्य करने के लिए अपनी पढाई एएमआईटीवाई विश्वविद्यालय नोएडा से बीएचडब्ल्यू  में सम्पन्न करी और उसके बाद इग्नू से सामाजिक कार्य करने के लिए मास्टर डिग्री भी प्राप्त की।  तीन साल तक अलग -अलग संस्थानों में नौकरी भी की जहाँ वे मानव अधिकारों के मुद्दों पर काम करती रही। लेकिन कुछ कर गुजरने की जज्बा ने उसे देहरादून वापसी को मजबूर कर दिया।  यहाँ उन्होंने डिपार्टमेंट ऑफ़ हॉर्टिकल्चर देहरादून से एक हफ्ते का मशरूम उत्पादन का प्रशिक्षण लिया।

दिव्या रावत की सफलता की स्टोरी -

2012 में हॉर्टिकल्चर से ट्रेनिंग लेने के बाद 2013 में  उन्होंने सौम्या फ़ूड प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाई जो मोथरवाला में स्थित है । इस कंपनी की मैंनेजिंग डाइरेक्टर दिव्या रावत ही है। मोथरोवाला में अपने तीन मंजिला मकान में पहली और दूसरी मंजिल में वह अपना मशरूम प्लांट चलाती है। इस प्लांट में वर्ष भर में तीन तरह का मशरूम उत्पादित किया जाता है सर्दियों में बटन , मिड सीजन में ओएस्टर और गर्मियों में मिल्की मशरूम का उत्पादन किया जाता है। बटन एक माह ,ओएस्टर 15 दिन और मिल्की 45 दिन में तैयार होता है।  मशरूम के एक बैग को तैयार करने में 50 से 60 रूपये लागत आती है , जो फसल देने पर अपनी कीमत का दो से तीन गुना मुनाफा देता है। सौम्या फ़ूड प्रोडक्शन प्राइवेट लिमिटेड के 80 प्रतिशत मशरूम की खपत निरंजनपुर सब्जी मंडी देहरादून में हो रही है। बाकि मशरूम लोकल बाजार और आजादपुर मंडी दिल्ली में जाता है।

दिव्या ने अपने गांव कंडारा ,चमोली , उत्तराखंड गयी वहां उन्होंने ग्रामीण महिला को मशरूम का प्रशिक्षण दिया और वहां खाली पड़े बंज़र घरों में ही मशरूम का उत्पादन शुरू कर दिया , वहां की महिलाये इस  प्रशिक्षण के बाद मशरूम उगाने में लग गए  । दिव्या रावत ने 30 -40  डिग्री के तापमान में मशरूम की खेती को संभव कर दिखाया। आगे उन्होंने आस पास के जिले रुद्रप्रयाग , कर्णप्रयाग , चमोली ,यमुनाघाटी के विभिन्न गांवो  में भी प्रशिक्षण देकर लोगों को स्वावलंबी बनाने में जुट गई है।

मशरूम के उत्पादन में महिलाएं ही नहीं दिव्या चाहती है पढ़े -लिखे नौजवान रोजगार के लिए पलायन न कर अपना काम करें। इसलिए युवाओं को इस क्षेत्र में आगे आने के लिए प्रोत्साहित करती है। रोड शो के माध्यम से भी मशरूम उत्पादन के बारे में बताती है।

आज सोशल साईट पर बड़ी कम्युनिटी तैयार कर ली है। जिससे अच्छे से प्रचार करके इस फिल्ड में आने को प्रोत्साहित कर रही है साथ ही अलग -अलग प्रदेश के लोग हर उम्र के लोग उनके ट्रेनिंग लेने के लिए आते हैं।

दिव्या रावत मशरूम लेडी 

दिव्या रावत ने मशरूम की खेती को इतना आसान कर दिया कि कोई भी इसे कर सकता है। यह दिव्या की अलग सोच का परिणाम है कि  वह युवाओं के लिए रोल मॉडल हैं और मशरूम लेडी के नाम से मशरूम हैं।
उनकी कंपनी का टर्नओवर हर साल बढ़ता जा रहा है। दिव्या रावत का कहना है प्रोडक्शन नहीं मिशन है मशरूम। जिससे बेरोजगारी कम होगी। मशरूम उत्पादन हर किसान और युवा वर्ग के लोग आसानी से कर सकते हैं।

                         "आप भी उनके मिशन का हिस्सा बन सकते है। "


स्टीव जॉब्स की जीवनी ! Steve Jobs Biography in Hindi


आप अपना अनुभव हमसे साझा  नीचे  कमेंट्स करके कर सकते हैं। अगर कोई कमी रह गई हो तो बेझिझक बता सकते हैं ताकि हमारे भविष्य के पोस्ट बेहतर हो।  आप किसी के बारे में जानना चाहते हैं तो कमेंट्स  में जरूर बताइये कोशिश करेंगे आप तक पहुचाने की।  आखिर में , अगर आपको ये पोस्ट लाभदायक लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ इसे शेयर करना ना भूलें। धन्यवाद। जय हिन्द।  .......

0 Please Share a Your Opinion.:

Post a Comment

Connect us on social media

Ad

Popular Posts

Translate

Recent Posts

book