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Sunday, 5 November 2017

तृशनीत अरोरा की सफलता बना उनका पैशन- SUCCESS OF TRISHANIT ARORA MADE HIS PASSION

अगर आप पढाई में असफल हो जाएं तो जरूरी नहीं कि  आप जिंदगी में भी असफल हो जायेंगे।  कुछ लोग अपनी शुरूआती असफलता  सफलता की ऐसी इबादत लिखते है जो मिशाल बन जाते हैं।
  


स्कूल में या किसी विषय में विफल होने से आपके इंटेलिजेंस लेवल को परिभाषित नहीं किया जा सकता। लिहाजा अगर आप एक बार फ़ैल हो गए , तो कभी यह नहीं सोचना चाहिए कि आप हमेशा के लिए विफल हो गए हो। हो सकता है कि आपकी दिलचस्पी किसी और काम में हो और उसे बेहतर अंजाम दे सकते हों।
आठवीं क्लास में फ़ैल  हुआ , लेकिन आज उनकी साइबर सिक्योरिटी की कंपनी एक अलग पहचान बना चुकी है। ऐसा ही एक उदहारण है टीएसी सिक्योरिटी के फाउंडर और सीईओ तृशनीत अरोरा की।

तृशनीत अरोरा  की बायोग्राफी व सफलता की कहानी

तृशनीत अरोरा  का जन्म 2 नवम्बर 1993 में लुधियाना ( पंजाब ) में हुआ था।  मिडिल क्लास की फैमली में पिता अकाउंटेंट व माता हाउस वाइफ थे। जब उनके पिता ने उनके  कंप्यूटर  ख़रीदा तो कम उम्र से ही उन्होंने टेक्नोलॉजी और कंप्यूटर में दिलचस्पी दिखाना शुरू  कर दिया था। कम्प्यूटर में व्यस्त रहने के कारण वह आठवीं क्लास में फैल हो गए ,जिसके कारण उन्हें माता - पिता से डांट का सामना करना पड़ा , वहीँ दोस्तों ने उनका खूब मजाक उड़ाया। तृशनीत की स्कूली किताबों और एजुकेशन में कम रुचि थी , वह ज्यादातर समय कम्प्यूटर नॉलेज हासिल करने में और हैकिंग में बिताते थे।

उन्होंने हैकिंग पर इंटरनेशनल बुक्स भी पढ़ना शुरू कर दिया।   तृशनीत अरोरा एकेडमिक्स  में विफल रहे , लेकिन उन्होंने दूसरे फील्ड में अव्वल रहने की ठान ली।  21 साल की उम्र में उन्होंने टीएसी सिक्योरिटी नाम की साइबर सिक्युरिटी कंपनी बनाई। तृशनीत एक एथिकल हैकर हैं। वह अपने क्लाइंट्स को साइबर  सिक्योरिटी प्रोवाइड करते हैं। और उन्हें हैकर्स से बचाते हैं।  तृशनीत अब रिलायंस , सीबीआई , पंजाब पुलिस उ, गुजरात पुलिस ,अमूल और एवन साइकिल जैसे कंपनियों को साइबर से जुडी सेर्विसेज दे रहे हैं। दुनियाभर में  500 कम्पनियां इस वक़्त  तृशनीत की क्लाइंट हैं।   तृशनीत यंग एज में ही तीन किताबें " हैकिंग टॉक  विद तृशनीत अरोरा " ,  " द  हैकिंग एरा " और " हैकिंग विद स्मार्टफोन " लिख ली। जो युवाओं के बीच प्रसिद्ध किताबें हैं।

अवार्ड -

2013 में गुजरात के पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने उन्हें सम्मानित किया।
2014 में पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने गणतंत्र दिवस पर  " स्टेट अवार्ड " सम्मानित किया।
2015 में उनको फिल्म एक्टर आयुष्मान खुराना सहित सात हस्तियों के साथ पंजाब आइकॉन अवार्ड दिया गया।
2017  में आकाश अम्बानी।, विजय शेखर शर्मा , रणवीर सिहं , प्रभास और अन्य लोगों के साथ GQ की सूची में 50 सबसे प्रभावशाली युवा भारततीयों में  शामिल हुए।
25 अगस्त 2017 को न्यू मेक्सिको सिटी के जेवियर गोंजालेस मेयर ने तृशनीत अरोरा दिवस के रूप में मनाने की घोषणा किया

पैसन के आगे पढाई मायने नहीं रखती  - 

तृशनीत अरोरा का कहना है कि फैल होने के बाद उन्हें ये समझ में आया कि पैसन के आगे पढाई
कोई मायने नहीं रखती। लेकिन पढाई को छोड़ना नहीं चाहिए।  तृशनीत का कहना है कि स्कूली पढाई को उतना ही महत्व दीजिये जितना जरूरी है।  ये जीवन का हिस्सा हैं लेकिन पूरा जीवन नहीं है। असफलताओं से कभी निराश नहीं होना चाहिए , क्योकि यही असफलताएं ही आगे बढ़ने का रास्ता बताती है और आपको अपने मजबूत पक्ष का बेहतर पता चलता है।

 उनकी  कामयाबी यह साबित करती है कि पैशन के आगे पढ़ाई कोई मायने नहीं  रखती।  उनके मुताबित उतना ,  विफलताओं से कभी निराश नहीं होना चाहिए , क्योंकि विफलताएं ही आगे बढ़ने का रास्ता दिखाती हैं। 

क्या है इथिकल हैकिंग  ?
 इथिकल हैकिंग में नेटवर्क या सिस्टम इंफ्रास्ट्रक्चर की सिक्योरिटी इवैल्युएट की जाती है।  सर्टिफाइड हैकर्स इसकी निगरानी करते हैं ताकि कोई नेटवर्क या सिस्टम की सिक्योरिटी को तोड़कर कॉन्फिडेंशियल चीजें न उड़ा  सके और न ही वाइरस या दूसरे मीडियम्स के जरिये कोई नुकसान पंहुचा सके। 

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