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Monday, 6 November 2017

इनोवेटिव माइंडसेट से मिलती है सफलता


हर वर्कप्लेस पर कोई न कोई ऐसा इनोवेटिव माइंड जरूर होता है , जो माजूदा समस्याओं को कुछ ख़ास इनोवेटिव नजर से देखता है।  वह उस समय अपने सुझावों से नए रास्ते दिखा जाता है , जब बाकी  सब हार मन चुके होते हैं।  कम्पनी के इन इनोवेटिव माइंड्स की पहचान करें व उन्हें बढ़ावा दें। 
इनोवेटिव माइंडसेट से मिलती है सफलता

हर घर में , हर क्लास में , हर ग्रुप में और हर ऑफिस में कोई न कोई ऐसा व्यक्ति होता है , जो सामने आने  वाली समस्याओं का बेहद इनोवेटिव हल निकाल लेता है और समूह को आगे बढ़ने में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मददगार होता है।  आपके ऑफिस में भी ऐसे लोग होंगे , जो अपने नए - नए आइडियाज से कम्पनी के सामने आने वाली समस्याओं को सुलझाने ,में मदद करते होंगे।  ऐसे एम्प्लॉइज को मोटीवेट करें। 

इनोवेटिव थिंकटैंक -

इनोवेटिव थिंकटैंक बनाने या पहचानने का मुख्य मकसद यहां अपनेपास ऐसे लोगों का एक पूरा पूल तैयार करना हैं , जो बने - बनाये ढर्रो के बजाय नए ढंग से सोचकर कम्पनी  को लाभ दिलाने और मुश्किलों से निकालने की क्षमता रखते हैं।  इस थिंकटैंक में कल के आये जूनियर से लेकर 30 - 40 साल का अनुभव रखने वाले सीनियर को भी शामिल किया जा सकता है।

कौन था वो -
हर डिपार्टमेंट में मौजूदा इनोवेटिव माइंड्स की पहचान करने के लिए आप डिपार्टमेंट हेड्स या टीम लीडर्स से पूछ सकते हैं कि उनके सामने एक तय अवधि में क्या - क्या समस्याएं सामने आई ? फिर उनसे पूछे कि इन समस्याओं का हल कैसे निकाला गया ? फिर पूछे कि हल से जुड़ा यह आईडिया किसका था ? इस तरह की प्रोसेस से कई इनोवेटिव लोगों की पहचान हो सकेगी।

खुद करेंगे खोज -
 यदि आप इनोवेटिव माइंड्स की पहचान के लिए सिर्फ टीम लीडर्स पर निर्भर नहीं करना चाहते तो आप खुद भी इसके लिए उपाय कर सकते हैं।  आप कम्पनी के सामने मौजूद किसी समस्या के हल के लिए या किसी प्रोजेक्ट को शानदार ढंग से करने के लिए मौजूदा एम्प्लॉइज से आईडिया मांग सकते हैं।  आपको यह ऐलान  कम्पनी में सार्वजनिक तौर पर करना होगा तभी लोग आपकी इस पहल के लिए प्रोत्साहित होंगे।  सबसे अधिक व्यवहारिक आइडियाज देने वाले लोग इस तरह आपकी नजर में आ जायेंगे।

किसका था आईडिया - 
टीम लीडर्स की ओर  से ऐसे कई आइडियाज सुझाए जाते हैं , जो कंपनी के प्रोजेक्ट्स के लिए फायदेमंद होते हैं।  आप टीम के रूप में उन्हें श्रेय देने के साथ - साथ यह भी पता लगा सकते हैं कि मूल आईडिया था किसका ?
इससे आपको अपनी कम्पनी  के आईडिया बैंक की जानकारी हो जाएगी और समय पड़ने पर आप इनसे आइडियाज मांग सकते हैं।

कितने थे इनोवेटिव -
कम्पनी के लिए इनोवेटिव थिंकटैंक बनाने का काम,आपको बिलकुल पहले स्टेप यानि नए एम्प्लॉइज की नियुक्ति के साथ ही शुरू कर देना चाहिए।  आप नियुक्ति से पहले उनसे यह सवाल पूछ सकते हैं कि आवेदक ने इससे पहले क्या - क्या इनोवेटिव आइडियाज दिए हैं और पिछली कम्पनी के लिए उनके वे आइडियाज किस तरह से फायदेमंद रहे थे।

कम्पनी के ग्रो के साथ - साथ कम्पनी के सामने पेश होने वाले सभी समस्याओं के लिए ऐसे इनोवेटिव एम्प्लॉइज की आवश्यकता बहुत ही ज्यादा होती है। ऐसे कोई न कोई एम्प्लॉय अपने कम्पनी में जरूर होंगे जरूरत गई तो उसे पहचानने की। आशा करता हूँ ये पोस्ट आपको पसंद आया होगा।  जय हिन्द।


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