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Saturday, 14 October 2017

बेयर ग्रिल्स की सफलता की कहानी

  परिस्थिति चाहे कितनी भी विपरीत हो  उनसे लड़ना और जीतना  ग्रिल्स से बेहतर शायद  कोई जनता जनता होगा। आपने टीवी  इन्हे अपनी जान जोखिम में डालते हुए देखा होगा। कभी किसी  ऊँचे पहाड़ पर तो  कभी पानी की तेज़ धार में बहते देखा होगा। इतनी निडरता से दुनिया को देखने  साहस करने बेयर ग्रिल्स की रीढ़ की हड्डी में तीन फ्रेक्चर  की उम्र में हो गया थे।        
 
                आयरलैंड में 7 जून 1974 को ग्रिल्स का जन्म हुआ था।  पिता सर माइकल ग्रिल्स ने उनका नाम एडवर्ड माइकल ग्रिल रखा, लेकिन बड़ी बहन उन्हें बियर कहकर पुकारते लगी, क्योंकि उसे पिता का रखा परम्परागत नाम पसंद नहीं था।  बहुत काम उम्र में उन्होंने क्लाईंबिंग सीखना शुरू कर दिया।  पिता उन्हें पेड़ पर चढ़ना सीखते थे।  उन्होंने ही बेयर को माउन्ट एवरेस्ट का एक पोस्टर दिया था।  इसे देखकर ग्रिल्स की इच्छा आठ साल की उम्र से ही यहां चढ़ने की होने लगी थी। इस पोस्टर को उन्होंने अपने बेडरूम की दीवार पर चिपका लिया था।
             कॉलेज के पढाई के बाद इंडिया आकर इंडियन आर्मी ज्वाइन करना चाहते थे, ताकि माउंट एवरेस्ट पर चढ़ाई कर सके। लेकिन पॉलिटिकल प्रॉब्लम के वजह से ऐसा नहीं हो पाया।का समय लगा।ब्रिटेन की ख़ुफ़िया एजेंसी एमआई-5 ज्वाइन करने का डिसीज़न लिया, लेकिन एमआई-5 ज्वाइन करने के लिए स्पेनिस और जर्मन लैंग्वेज आना जरुरी था। तो उन्होंने युनिवर्सिटी वेस्टर्न इंग्लैण्ड से स्पेनिस और जर्मन मे पढाई की। कॉलेज के दौरान बेयर और उनके दोस्त ब्रिटिश आर्मी ज्वाइन करने के लिए टेस्ट दिया,लेकिन उस टफ टेस्ट में सिर्फ बेयर ही पास कर पाए और  1994 में ब्रिटिश आर्मी की 21एसएस रेजमेंट में शामिल कर लिया गया।  बेयर सेना में अपने यूनिक सरवाईवल स्किल और जाबाजी से पॉपुलर हो गए थे। वो सभी सोल्ज़र से बेहतर परफॉर्म करते थे। बेयर की ज़िंदगी में सब कुछ बहुत अच्छा हो रहा था। वर्ष 1996 में जाम्बिया में एक पैराशूट एक्सरसाइस के दौरान उन्होंने आकाश ( 4000 की ऊंचाई ) से छलांग लगाए थी।  पैराशूट ठीक से खुला नहीं और वे जमीन पर आ गिरे।  रीढ़ की हड्डी में तीन फेक्चर हो गए।  तब डॉक्टर कहा था कि आजीवन अपंग रहने  खतरा है। बेयर कभी चल नहीं पाएंगे।  अब बेयर को आर्मी छोड़ना पड़ा। क्योकि कुछ भी करने के लिए दूसरे पर डिपेंड रहना पड़ता था। लग रहा था अब सब कुछ खत्म  हो गया।  उनका शरीर तो काम नहीं कर  रहा था लेकिन उनका दिमाग काम कर रहा था। बेयर ने अपने रूम में माउन्ट एवरेस्ट का पोस्टर लगवाया और अपने बचपन के सपने को साकार करने के लिए प्लान करना शुरू किया।  कई महीने के ट्रेनिंग और ट्रीटमेंट के बाद वो फिर से चलने फिरने लगे। यही नहीं इस हादसे के 18 महीने के बाद 16 मई 1998 को ग्रिल्स माउन्ट एवरेस्ट पर चढ़ गए। और 23 वर्ष के उम्र में माउंट एवरेस्ट चढ़ने का रिकार्ड बन गया।  बिना कपड़ो के बाथरूम टफ से थेम्स नदी को पार किया ताकि वो अपने  पैसे जुटा  सके जो माउंटेंट  के दौरान अपना पैर  गवां बैठे थे।
                2001 में उन्होंने एक किताब  भी लिखी- द किड हू क्लाइंब एवरेस्ट। इसमें एवरेस्ट पर चढ़ने की कहानी बयां की। इसके बाद उन्होंने फेसिंग द फ्रोज़न ओशन लिखी और फिर बोर्न सरवाइवर व बेयर ग्रिल्स आउटडोर एडवेंचर्स।
               फिर 2005  में उन्होंने एक और  बड़ा एडवेंचर किया। बेयर और दो अन्य साथियों  के साथ 7600 मीटर की ऊंचाई पर डिनर किया। इस ऊंचाई पर ऐसा करना एक रिकार्ड है।
              2006 में ग्रिल्स पूरी दुनिया में अपने टीवी शो मैन वर्सेस वाइल्ड के वजह से पहचाने जाते हैं। इस शो को ब्रिटेन में बोर्न सरवाइवर  नाम  प्रसारित किया गया था।  शो में बेयर हर बार ऐसी उजाड़ और बीहड़ जगहों पर गए , जहां आदमी का कही कोई दूर - दूर  पता नहीं था। इस शो में ज़िंदगी में सरवाइवर के सारे टिप्स बताए है। 
            2008 में वे अंटाकर्टिका में विश्व की सबसे उजाड़ और ऐसी चोटियों पर चढ़े,जहां उनसे पहले कोई नहीं पहुंच सका था। इस दौरान कंधे में चोट भी आई, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी।
            ग्रिल्स कहते है मैं किसी चीज़ में माहिर हूँ।  लेकिन कई काम थोड़े -थोड़े कर लेता हूँ।  जंगलो मुझे सिखाया है की कभी किस्मत पर निर्भर मत रहो।  वो तो उपहार की तरह होते हैं।   अपने लिए हमेशा बैकअप प्लान बनाकर रखो।  अगर आप जोखिम नहीं लेंगे तो आपको मिलेगा भी कुछ नहीं।

रिकॉर्ड ---

  1. 7600 मीटर ऊंचाई पर दो साथियों के साथ डिनर करने का रिकॉर्ड  चुके है। 
  2. अपने एडवेंचर्स के बारे  2001 पहली किताब लिखी थी , इसके बाद दो  किताबें लिख चुके  हैं। 
  3. बचपन पिता ने माउन्ट एवरेस्ट का पोस्टर इन्हें दिया था, उसे देखकर तय किया था इस  चढ़ना है। और 1998 में 23 वर्ष में ही एवरेस्ट फतह किया। 
  4. 2006 में ग्रिल्स पूरी दुनिया में अपने टीवी शो मैन वर्सेस वाइल्ड के वजह से पहचाने जाते हैं। 
आप अपना अनुभव हमसे साझा  नीचे  कमेंट्स करके कर सकते हैं। अगर कोई कमी रह गई हो तो बेझिझक बता सकते हैं ताकि हमारे भविष्य के पोस्ट बेहतर हो।  आप किसी के बारे में जानना चाहते हैं तो कमेंट्स  में जरूर बताइये कोशिश करेंगे आप तक पहुचाने की।  आखिर में , अगर आपको ये पोस्ट लाभदायक लगा हो तो अपने दोस्तों के साथ इसे शेयर करना ना भूलें। धन्यवाद। जय हिन्द।  .......




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