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Thursday, 12 October 2017

बुरी आदत की लत ( Bad Habit )

         
             दोस्तों एक बार की बात है।  एक व्यक्ति को जुआ खेलने की बुरी लत थी।  उसके परिवार और दोस्तों की तमाम कोशिशों के बाद भी उसकी जुए की आदत नहीं छूट रही थी।  जब भी कोई उससे यह आदत छोड़ने की कहता तो वह एक ही जवाब देता था कि मैंने यह आदत नहीं पकड़ी, इस आदत ने मुझे पकड़ रखा है। उस व्यक्ति की पत्नी भी उसके जुए की लत से परेशान थी।  एक बार वह एक महात्मा जी से मिलने गई और उन्हें अपनी समस्या बताई।  महात्मा जी ने उसे अपने पत्नी के साथ अगले दिन आने को कहा।  अगले दिन जब वह दोनों आश्रम पहुंचे तो देखा की महात्मा जी एक पेड़ को पकड़कर खड़े थे। उन्होंने कुछ देर इंतज़ार किया लेकिन महात्मा जी अपनी जगह से नहीं हिले।  दोनों पति - पत्नि लौट आये।  अगले दिन जब वह फिर से आश्रम पहुंचे तो देखा कि  महात्मा जी अब भी उस पेड़ को पकड़े हुए थे। पति ने महात्मा जी से कहा कि महाराज , आप इस पेड़ को छोड़ क्यों नहीं देते।  महात्मा जी बोले कि  मई क्या कृ , यह पेड़ मुझे छोड़ ही नहीं रहा है।  इस पर उस व्यक्ति ने कहा कि आपने पेड़ को पकड़ा हुआ है ,पेड़ ने आपको नहीं। आप जब चाहे , उसे छोड़ सकते हैं।  महात्मा जी ने कहा की यह बात तुम्हे भी समझने की जरूरत है की जुए ने तुम्हे नहीं पकड़ा।  इस बुरी आदत को तुम ही छोड़ सकते हो।
               दोस्तों हमेशा सभी के साथ ये समस्या होती है कुछ बुरी लत हो जाये तो हम उसे दूर नहीं कर पाते  लेकिन सोच बदल गया तो इंसान कुछ भी कर सकता है नहीं तो जानवर जैसे कि  बड़ा हाथी  एक छोटी सी चेन में बंधा हुआ रहता है और तोड़कर भागता नहीं है। क्योकि वो मानता है नहीं तोड़ सकता।  उसमे और हममे  कोई अंतर नहीं होगा।  दोस्तों दुनिया में इंसान ही है जो कुछ भी कर सकता है किसी भी फील्ड में।  तो आप भी तैयार हो जाइये बुरे कर्म को त्याग करे और लक्ष्य की ओर आगे बढे।  जय हिन्द। ....... 

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