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Wednesday, 11 October 2017

उपहास और अपमान के बाद मिलती है सफलता

सफलता की डगर  कठिन होती है यहां आपको अपमान का भी सामना करना पड़ता है , पर जो डटा रहता है वह जीतता है।
         सफलता की कोई परिभाषा  नहीं है।  सबकी सफलता अलग होती है। लेकिन आप सफलता पाने के लिए  रास्ते अपनाते हैं , वह उपहास उपेक्षा अपमान से होकर गुजरता है। आपको यह रास्ता बिना मांगे स्वतः मिल जाता है। लोगो के लिए यह जानना ही काफी होता है कि आप कुछ नया काम शुरू करने वाले हैं या सोच हैं। उपहास पात्र बनाने के लिए इतना ही काफी है। परिचितों से अनचाही उपेक्षा प्राप्त करना  आपके लिए हमेशा चौंकाने वाला अनुभव होगा और एक तबका ऐसा भी होगा जो आपकी क्षमताओं  संदेह करेगा और आपके साहस को अपमानित। जब सफलता मिलती है ,तब अपमान उपेक्षा और उपहास बौने लगने लगते हैं।  परिवेश  इस बौनेपन को साहस के साथ आपको पार करना पड़ेगा।  अपमान करने वाले को बड़े इरादों के साथ जेहन में हमेशा रखना पडेगा , क्योकि वही आपके  उत्साहवर्धक हैं। 
महान बास्केटबॉल प्लेयर 
उसे हॉयर स्कूल बास्केटबॉल टीम से निकाल दिया गया।  वह घर आकर अपमान पर कमरे में खुद को बंदकर घंटो रोया। वह दृढ़ प्रतिज्ञ था , उसने  बास्केटबॉल खेलना नहीं छोड़ा और माइकल जोर्डन सदी का महानतम  बास्केटबॉल प्लेयर बना।  चौदह बार एनबीए ऑल स्टार चैंपियन रहा।  वह दो बार ओलम्पिक गोल्ड मैडलिस्ट भी रहा।  वह 5 बार एनबीए का मोस्ट वैल्यूड प्लेयर बना। दोस्तों कहानी से स्पष्ट है कि अपमान के बाद भी निराश  चाहिए।
लक्ष्य पर रखें निगाहें 
जीवन में सफल होना है तो निगाह लक्ष्य पर रखनी होगी।  लोगों   को इग्नोर करना होगा।  लोग  कहते रहेंगे , जब तक कि आप सफल नहीं हो जाते।  जिस दिन आप सफल हो जायेंगे , हर किसी की बोलती बंद हो जाएगी।  अगर आप अपने सपने कप हद से ज्यादा प्यार करते हैं। तो लोगो की परवाह किये बगैर अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कड़ी मेहनत करते रहिये। आपको किसी की बातों में आकर बहकना नहीं है। 

कार्टूनिस्ट से डिज़्नीलैंड तक 
युवा कार्टूनिस्ट को न्यूज़ पेपर से इसलिए निकाल दिया गया क्योकि उसके पास कोई ओरिजिनल आईडिया नहीं था और कल्पना शक्ति का अभाव भी बताया गया।  हम बात कर रहे हैं  वाल्ट डिज़्नी की। हम उन्हें इसलिए भी जानते हैं क्योंकि उन्होंने मिकी माउस जैसे कार्टून कैरेक्टर की रचना की। उन्होंने 22 अकेडमी  अवार्ड्स जीते। वे हॉलीवुड में सफलतम फिल्म निर्माता रहे। उनकी कल्पना शक्ति से बना डिज़्नीलैंड हर चेहरे पर मुस्कुराहट लाता है।

अपमान से बनी लेम्बोर्गिनी 
इटेलियन व्यवसायी और स्पोटर्स  कार निर्माता फारुशियो लेम्बोर्गिनी को दुनिया बेहद फैशनेबल एवं लग्ज़री  स्पोटर्स कार लेम्बोर्गिनी के निर्माता के रूम में जानती है।  अपने लिए उन्होंने उस समय की सबसे मशहूर स्पोटर्स फरारी खरीदी।  लेकिन आवाज़ करने वाले गियर बॉक्स में उन्हें समस्या लगी। वे एन्जो फरारी से मिलने पहुंचे, जो फरारी के मालिक थे।  लेकिन एन्जो ने उन्हें लगभग अनसुना कर दिया। उनका ख़राब और अपमानित करने वाला व्यवहार फारुशियो को चुभ गया।  उसी अपमान ने उन्हें स्पोटर्स कार निर्माण में उतारा।  उन सुधारों के साथ जो उन्हें फरारी कार में मैकेनिकल गलतियां  लगी थी।  शुरुआती घाटों के बावजूद फैशनेबल स्पोटर्स कार का निर्माण हुआ।
उपहास से न घबराएं 
दोस्तों कई बार आपके आस - पास के लोगों को आप में मौलिकता और कल्पना शक्ति का अभाव लगता है , लेकिन  उनका तिरस्कार व उपेक्षा आपकी सृजनशीलता को बाहर निकलती है और एक दिन वही आपका परिचय बनती है। याद रहे इस यात्रा में मिलने वाले सारे अपमान, व्यंग्य और जिन लोगो ने आपकी उपेक्षा की है , उनसे सफलता मिलने के बाद बदला नहीं लेना है क्योंकि वह आपको छोटा कर देगा जो नकारात्मक भी है।  लेकिन उनको भूलना कभी नहीं है। यही सब तो आपकी इस यात्रा में प्रेरणा है।  इन सभी कहानियों में अपमान ,उपेक्षा  और उपहास कॉमन है।  लेकिन इन सबको झेलकर और इन सब पर पार पाकर मिलने वाली सफलता बड़ी सकारात्मक और जबर्दस्त होती है। 
                 दोस्तों ये कहानी पसंद आये तो जरूर शेयर कीजिये और अपनी लाइफ में इम्प्लीमेंट कीजिये। जय हिन्द।  ......... 

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