motivational blog, inspirational, goal setting, life coch, etc

Saturday, 30 September 2017

किसान की सीख



                  एक गांव में पहाड़ी पर एक बहुत प्रसिद्ध चर्च था।  उसी गाओं में एक किसान रहता था जो रोज़ रात को चर्च जाता था।  एक रात बहुत ठण्ड थी , तब भी किसान समय पर चर्च पहुंच गया।  वहाँ पहुंच कर उसने देखा कि चर्च का दरवाज़ा बंद था।  उसने पादरी को आवाज़ दी।  पादरी बाहर आया तो किसान को देख कर बहुत हैरान हुआ।  उसने कहा आज बहुत ठण्ड है , इसलिए उसने सोचा प्रार्थना में कोई नहीं आएगा और तैयारी नहीं की।  सिर्फ एक आदमी के लिए वह क्या पूरी तैयारी करेगा।  उसने किसान को अगले दिन आने को कहा।  इस पर किसान ने कहा कि वह रोज़ कबूतरों को दाना डालता है और अगर एक कबूतर भी होता है तो उसे भी जरूर खिलाता है।  यह सुनकर पादरी शर्मिंदा हुआ और प्रार्थना की तैयारी में जुट गया।  उसने सभी टेबल खुर्सिया साफ़ की , हर टेबल पर बाइबल रखी , मोमबत्तियां जलाई और पुरे विधि -विधान से प्रार्थना की।  प्रार्थना पूरी होने के बाद किसान ने कहा कि जब वह कबूतरों को दाना डालने जाता है और सिर्फ एक ही कबूतर आता है तो वह सारे दाने उसी को नहीं खिला देता।  पादरी को एहसास हुआ कि  केवल कर्तव्य निभाना ही जरुरी नहीं है , बल्कि परिस्थिति के हिसाब से भी खुद को ढालना भी उतना ही जरुरी है।  
              दोस्तों ऐसा सभी के साथ होता है चाहे जॉब कर रहे हो या बिज़नेस या ऐसे ही राह चलते।  दोस्तों हमारी जिम्मेदारी है उसे हमे करना ही चाहिए चाहे किसी भी फिल्ड में हो कोई हमे देखे न देखे लेकिन हमारा अपना काम हमे करना ही चाहिए।  दोस्तों मैं  आशा करता हूँ ये कहानी आपको पसंद आया होगा मिलते है नए ब्लॉग के साथ जय हिन्द। .......  

0 Please Share a Your Opinion.:

Post a Comment

Connect us on social media

Ad

Popular Posts

Translate

Recent Posts

book